पितृपक्ष: पूर्वजों और दोहराते जीवन-पैटर्न को समझने का समय: Psychic Medium Daksh
नई दिल्ली,26 सितंबर : पितृपक्ष 2026 शुरू होने वाला है। इस मौके पर दिल्ली के Psychic Medium Daksh, जो Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं, का कहना है कि यह समय सिर्फ पूर्वजों को याद करने का ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में बार-बार होने वाली बातों को समझने का भी है। इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा और इसका समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा। Untitled document PR (1)
Psychic Medium Daksh के अनुसार, Ancestral Healing एक ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें लोग अपने परिवार के इतिहास, रिश्तों और पुरानी यादों को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि कई बार परिवार की पुरानी बातें और अनुभव अगली पीढ़ियों के जीवन पर भी असर डाल सकते हैं।
पितृपक्ष करीब 15 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत पूर्णिमा श्राद्ध से होती है और आखिरी दिन सर्व पितृ अमावस्या होती है। इस दिन उन सभी पूर्वजों को याद किया जाता है जिनकी मृत्यु की सही तिथि पता नहीं होती। अलग-अलग शहरों में तिथि और समय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए अपने शहर का पंचांग जरूर देखना चाहिए।
Psychic Medium Daksh बताते हैं कि इस समय लोग उनसे कई तरह के सवाल पूछते हैं। जैसे परिवार में बार-बार झगड़े क्यों होते हैं, रिश्तों में एक जैसी परेशानियां क्यों आती हैं, करियर या पैसों में बार-बार रुकावट क्यों आती है, या बिना किसी वजह के मन भारी क्यों लगता है। उनका कहना है कि इन बातों के पीछे आध्यात्मिक कारण हो सकते हैं, लेकिन कई बार इसकी वजह परिवार का माहौल, आदतें और जीवन की परिस्थितियां भी होती हैं।
उनके सैशन में लोग अपनी परेशानी या सवाल बताते हैं। इसके बाद Daksh अपनी आध्यात्मिक प्रक्रिया के दौरान जो महसूस करते हैं, उसे लोगों के साथ साझा करते हैं। उनका कहना है कि इन बातों को सोचने और समझने के लिए देखें, न कि उन्हें अंतिम सच मान लें।
Psychic Medium Daksh, “पितृपक्ष हमें अपने परिवार और पूर्वजों के बारे में सोचने का मौका देता है। जब हम बार-बार होने वाली बातों को पहचानते हैं, तभी उन्हें समझकर आगे बढ़ सकते हैं। मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि सैशन में जो भी बातें सामने आएं, उन्हें डर की नहीं बल्कि समझने की नजर से देखें।”
पितृपक्ष के दौरान लोग श्राद्ध, तर्पण, भोजन का दान और जरूरतमंदों की मदद जैसे काम करते हैं। Psychic Medium Daksh का कहना है कि Ancestral Healing इन परंपराओं की जगह नहीं लेती, बल्कि इनके साथ चलने वाली एक अलग आध्यात्मिक प्रक्रिया है। सही श्राद्ध तिथि जानने के लिए अपने परिवार के पंडित या स्थानीय पंचांग की मदद लेनी चाहिए।
जो लोग बिना किसी सैशन के शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए Daksh कुछ आसान बातें बताते हैं। अपने परिवार के जितने पूर्वजों के नाम याद हों, उन्हें लिखें। परिवार में बार-बार होने वाली घटनाओं पर ध्यान दें। घर के बड़े लोगों से पुराने समय की बातें पूछें। साथ ही पितृपक्ष के दौरान हर दिन कुछ मिनट निकालकर अपने पूर्वजों को अपनी परंपरा के अनुसार याद करें।
Psychic Medium Daksh, “Ancestral Healing का मतलब बीते हुए समय को दोष देना नहीं है। इसका मकसद यह समझना है कि हमें क्या मिला है और अब हमें अपने जीवन में क्या आगे बढ़ाना है और क्या पीछे छोड़ देना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके सैशन केवल आत्म-समझ और सोचने के लिए होते हैं। ये डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक, वकील या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं हैं। अगर किसी को ऐसी मदद की जरूरत हो, तो उन्हें संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। किसी भी खास नतीजे की गारंटी नहीं दी जाती।
पितृपक्ष के दौरान सैशन की बुकिंग psychicmediumdaksh.com पर की जा सकती है।
Psychic Medium Daksh:
Psychic Medium Daksh दिल्ली के रहने वाले Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं। वह Mediumship, Akashic Records Reading और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जुड़े सैशन करते हैं। उनकी सभी कंसल्टेशन उनकी वेबसाइट psychicmediumdaksh.com के माध्यम से बुक की जा सकती हैं।
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